गलती तो चीन ने तब ही कर दी थी, जब उसने LAC के इस पार कदम रखा था, मगर हद पार तब कर दी जब 15-जून को चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों के साथ झड़प कर दी। जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए और चाइना के 53 सैनिक भी मारे गए। हालांकि सरकार ने चीन को लेकर सामने से कोई बड़ा बयान जारी नहीं किया, मगर आर्थिक मोर्चे की लड़ाई में सरकार ने कड़े संकेत दिए हैं, आइए बात करते हैं।
-Government Decision Against China
सबसे पहले सरकार ने स्टील आयात पर चीन सहित अन्य दो देशों पर भी 'Anti dumping duty' लगा दी, जिससे चीन द्वारा स्टील की बड़ी तादाद में डंपिंग पर टैरिफ लगेगा और आयात कम होगा। उसके बाद भारत में 80% से 90% सोलर उपकरणों का इस्तेमाल हम चाइना से किया करते हैं, मगर अब आयात को कम किया जा सके, इसके लिए भारत सरकार सोलर इनवर्टर, सोलर माड्यूल्स इन सबके आयात में 20% Basic custom duty (BCD) लगाएगी जो कि पहले 15% था। इसके बाद 22 जून से चीन से आ रहे सभी सामानों को बंदरगाहों पर रोक दिया गया, AIMED ( Association of Indian Medical device industry) ने अपनी रिपोर्ट मे बताया चीन से आने वाले माल की बंदरगाहों पर ही 100% जांच-पड़ताल की जा रही है, जिसके बाद उन सामानों को आगे बढ़ाया जाएगा। टेलीकॉम मंत्रालय ने BSNL को निर्देश दिए हैं, कि वह अपने काम में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल कम कर दे, जैसे कि 4G सुविधा के उन्नयन में किसी भी चीनी उपकरणों का इस्तेमाल ना किया जाए, पूरे टेंडर्स को नए सिरे से जारी किया जाए और सभी प्राइवेट सर्विस ऑपरेटर को निर्देश दिया गया, की चाइनीस उपकरणों पर अपनी निर्भरता कम से कम करदे।इसके बाद भारतीय रेलवे ने भी चीन के साथ किए हुए करार खतम कर दिये, साल 2016 में 471 करोड़ का करार, जिसमें कानपुर और दीन दयाल उपाध्याय सेक्सन के बीच 417 km के रूट पर Signaling and Telecommunications का काम होना था, जिसका ठेका चीनी कंपनी को दिया गया था, जो आज के माहौल में खतम कर दिया गया, हालांकि रेलवे ने सफाई यह दि, कि चीनी कंपनियों के खराब प्रदर्शन के कारण हमें यह ठेका खत्म करना पड़ा। हरियाणा सरकार ने भी चीनियों के साथ हुए बड़े करार खतम कर दिये, 'हिसार' और 'यमुना' नदी के पास थर्मल पावर प्लांट से जुड़े 842 करोड़ के टेंडर थे, जो की आज खतम कर दिए गए। इसके अलावा आपको बता दें केंद्रीय ऊर्जा मंत्री 'आर.के सिंह' ने चीन को बड़ा झटका दिया है, बिना पूर्व अनुमति के अब चीन और पाकिस्तान से कोई भी बिजली उपकरण का सामान आयात नहीं किया जाएगा। सड़क परिवहन मंत्री 'नितिन गडकरी' ने भी कहा सड़क और फ्लाई ओवर के कामों में अब कोई भी ठेका चीनी कंपनियों को नहीं दिया जाएगा।
-Good and Bad Consequences along with my Opinion
अब आर्थिक मोर्चे की लड़ाई तो छिड़ चुकी है,मगर आइए जानते हैं इसके अच्छे और बुरे प्रभावों के बारे में।
मेरी राय में सरकार द्वारा स्टील के आयात पर 'Anti dumping duty' लगाकर और सोलर उपकरणों में 20% BCD लगाकर एक सराहनीय कदम उठाया है, क्योंकि इससे भारत के छोटे-बड़े उद्योगों को एक सुनहरा अवसर मिलेगा और विदेशी कंपनियों के साथ घरेलू बाजार में अनुचित प्रतियोगिता पर रोक लगेगी, भारत में कई लोगों को रोजगार की प्राप्ति भी होगी और इसी के कारण 'Make in India' को प्रोत्साहन भी मिलेगा। अगर इसके बुरे प्रभाव की बात करें तो स्टील और सोलर भारत में सस्ते दामों पर आयात किए जाते थे, क्योंकि उन देशों में यह सस्ते हैं। मगर अब भारत में यह महंगे बिकेंगे और साथ में विकल्पों की भी कमी होगी। बंदरगाहों पर चीन द्वारा आयात सामानों की जांच पड़ताल, बेहद जरूरी हैं क्योंकि ऐसे हालात में चीन पर भरोसा करना मुश्किल है। भारतीय रेल द्वारा कानपुर और दीनदयाल उपाध्याय सेक्शन के बीच Signaling and Telecommunications के करार को चीन से खत्म करना, मेरी राय में सही विचार है, क्योंकि इससे स्वदेशी Signaling and Telecommunications companies जैसे Gocl corporation limited, TVM Signalling, balaji Railroad systems limited, ANI अन्य कंपनियों को काम मिलेगा। मगर इसके बुरे प्रभाव की बात करे तो चीनी कंपनियों के मुताबिक, स्वदेशी कंपनियां यह काम अधिक पैसों में करेगी क्योंकि चीन में 'Signaling and Telecommunications' का काम सस्ते में होता है। हरियाणा सरकार ने भी चीन के साथ थर्मल पावर प्लांट के करार को खत्म करके स्वदेशी कंपनियों के लिए एक सुनहरा मौका दिया है। ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के इस कदम से भारत को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि बिजली उपकरणों का सामान चीन से लगभग 60% से 70% हम आयात किया करते थे, क्योंकि चीन बिजली के उपकरणों का उत्पादन करने के लिए सबसे अच्छा देश माना जाता है, और अब आयात पर प्रतिबंध लगाकर हमें विकल्पों की कमी का भी सामना करना पड़ेगा। अब देखना यह है, कि चीन के साथ हमारे संबंध आगे बेहतर होंगे या चीन को भारत के साथ आर्थिक मोर्चे की लड़ाई में मुंह की खानी पड़ेगी।
राहुल सिंह द्वारा
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